छत्तीसगढ़: आज छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं अंतर्गत नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगरपालिका नगर एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम एवं उप निर्वाचन 2025 के निर्वाचन की घोषणा होते ही राज्य में आदर्श अचार सहिंता लागू।
इन चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए शासकीय तंत्र को तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार चाहती है कि चुनावी कार्यों में कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाएं।
शासकीय कर्मचारियों से अपेक्षित आचरण
शासकीय कर्मचारियों को चुनावी कार्यों में निष्पक्ष रहना चाहिए। उन्हें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे जनता को यह शंका हो कि वे किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार की मदद कर रहे हैं। कर्मचारियों को किसी भी चुनावी प्रचार या अभियान में भाग नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा, कोई भी शासकीय कर्मचारी चुनाव अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणना अभिकर्ता के रूप में कार्य नहीं कर सकता।
सभी अधिकारी और कर्मचारी जो चुनाव कार्य में लगाए जाएंगे, उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के नियंत्रण में रहना होगा, और वे आयोग के अधीन कार्य करेंगे जब तक चुनाव के परिणाम घोषित नहीं हो जाते।
मंत्रियों के दौरे संबंधी निर्देश
मंत्री जब शासकीय भ्रमण पर आएं और सर्किट हाउस या विश्राम गृह में ठहरें, तो संबंधित अधिकारी को उनके आगमन और प्रस्थान पर उपस्थित रहना होगा। यदि मंत्री किसी निजी निवास पर ठहरते हैं, तो अधिकारी वहां उपस्थित नहीं होगा।
मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी यदि वे सर्किट हाउस या रेस्ट हाउस में ठहरते हैं, लेकिन निजी निवास पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की जाएगी।
मंत्री, पार्टी या संस्था द्वारा आयोजित सभा के दौरान केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का ध्यान रखा जाएगा, और सभा की कोई अन्य व्यवस्था नहीं की जाएगी।
मंत्री को निजी घर में आमंत्रित किया गया तो कोई शासकीय कर्मचारी उसमें शामिल नहीं होगा।
चुनावी सभा शासकीय भवनों के पास या खेल के मैदानों में आयोजित नहीं की जाएगी, हालांकि अन्य शासकीय भूमि पर सभा की अनुमति दी जा सकती है।
निर्वाचन संबंधी निर्देश
लाउडस्पीकर का उपयोग चुनावी प्रचार में किया जाता है, जिससे नागरिकों को परेशानी होती है, विशेषकर बुजुर्गों और बीमारों को। इस कारण आयोग ने लाउडस्पीकर के उपयोग पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, जो छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत लागू होंगे।
चुनावी प्रचार में सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना, जैसे पोस्टर चिपकाना और नारे लिखना, छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत अवैध है। इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कर्मचारियों की व्यवस्था / आरक्षण
निर्वाचन के दौरान, विशेष रूप से चुनाव परिणाम घोषित होने तक, विश्रामगृहों के कम से कम एक कमरे को निर्वाचन कार्य से संबंधित अधिकारियों के लिए आरक्षित किया जाएगा। इन कक्षों का आवंटन निम्नलिखित प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा:
राज्य निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी, अन्य निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी इस व्यवस्था को संबंधित विश्राम गृह के प्रभारी द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।
चुनाव कार्य के लिए जिलों के कलेक्टर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की सेवाएं ले सकते हैं, लेकिन चिकित्सालयों में कार्यरत डॉक्टर, पुलिस, जेल कर्मचारियों, और जनसंपर्क विभाग के कर्मचारियों की सेवाएं नहीं ली जाएंगी। कलेक्टर संबंधित अधिकारियों को सूचित करेंगे कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी कब और कहां कार्य करेंगे।
इसके अलावा, कलेक्टर की सहमति के बिना कर्मचारियों को अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा, और किसी भी प्रकार की नियुक्ति या स्थानांतरण निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान नहीं किया जाएगा।
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान प्रतिबंध / रोक
निर्वाचन के दौरान विभिन्न सरकारी अधिकारियों द्वारा चुनाव प्रचार में भाग लेना निषेध रहेगा। कोई भी मंत्री या सरकारी अधिकारी चुनाव के प्रचार में सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं कर सकता है।
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार के नए विकास कार्य शुरू नहीं किए जाएंगे। साथ ही, वित्तीय अनुदान या योजनाओं की घोषणाओं पर भी रोक होगी, ताकि चुनाव के परिणामों पर इनका प्रभाव न पड़े।
चुनाव के दौरान सरकारी उपक्रमों और संस्थाओं के वाहनों का उपयोग निजी चुनाव प्रचार या कार्यों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
कोई भी राजनीतिक दल, संघ या व्यक्ति बिना स्थानीय निकाय की अनुमति के प्रचार के लिए कटआउट, पट-विज्ञापन या होर्डिंग्स नहीं लगाएगा।
राज्य सरकार के विभागों या निगमों द्वारा चुनाव प्रचार के पक्ष में कोई शासकीय विज्ञापन जारी नहीं किया जाएगा।