
छत्तीसगढ़ भिलाई : देश के सभी निकायों में स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी जोर शोर से चल रही है, वही भिलाई में न तैयारी और न ही सफाई कार्य दूर-दूर तक दिखाई दे रही है। भिलाई नगर निगम के 70 वार्डो का हाल ज्यों का त्यों है, पिछले साल टॉप टेन ये बाहर था इस साल तो भगवान भरोसे, नालियां बजबजा रही है, जिससे मच्छरों की संख्या में अधिक तेजी से वृद्धि हो रही है, डेंगू,मलेरिया का खतरा भी बढ़ रहा है, कचरा जहां तहाँ सड़क के किनारे ही जला दिया जा रहा जिसके कारण प्रदुषण भी बढ़ रहा और तो और कचरा कलेक्ट करने वाला रिक्शा भी नहीं जा रहा जिससे वार्ड वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कौन है जिम्मेदार
भिलाई नगर निगम में 6 वर्षो से कांग्रेस की सता है, पहले महापौर देवेन्द्र यादव थे और अभी वर्तमान महापौर नीरज पाल है, इनके द्वारा भी सफाई व्यवस्था ठीक करने का कोई उचित पहल नजर नही आ रहा।
आम जनता का पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है, परन्तु महापौर नीरज पाल व्यवस्था करने में असफल है, वही नगर निगम के स्वच्छता प्रभारी मंत्री लक्ष्मीपति राजू है, उनके द्वारा भी स्वच्छता व्यवस्था पर कोई ठोस पहल नजर नही आ रहा वार्ड वाससियों से वार्ता के दौरान पता चला कि शहर में साफ सफाई को देखने व व्यवस्था दुरुस्त करने की कोई करवाई नही कर सके।

निगम शासन मेहरबान तो ठेकेदार पहलवान ये रिस्ता क्या कहलाता है
सफाई व्यवस्था के जिम्मेदार ठेकेदार पर निगम शासन मेहरबान है, जिसके कारण ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहे है, सफाई कर्मियों की संख्या भी कम जिसकी शिकायत आने के बाद भी कोई करवाई नही की गई। निगम के सदन में जानकारी पूछने से बचने के लिए साल में कुछ दण्ड लगा कर अपनी जवाबदारी से पल्ला झाड़ लेते है, ठेकेदारों के रिकार्ड काली सूची में होने के बाद भी उसी कंपनी को कार्य का एक्सटेंशन दिया गया। भुगतान रोकने के साथ साथ कानूनी करवाई होनी थी।